Monday, 29 March 2021

गुजरेंगे उन्ही राहों से...

गुजरेंगे उन्ही राहों से,

जिनपे तुम चले थे कभी,

निशानिया तो मिलेंगी तेरी,

पता है मिलोगे तुम नहीं अब कभी...


Shayro ke lafz...

धुंधले से होते जा रहे हैं सपने हवाओं में कही, शायरों के लफ़्ज़ अब हलके हो चले है...