Shayari, poems, feelings and much more
धुंधले से होते जा रहे हैं सपने हवाओं में कही,
शायरों के लफ़्ज़ अब हलके हो चले है...
धुंधले से होते जा रहे हैं सपने हवाओं में कही, शायरों के लफ़्ज़ अब हलके हो चले है...
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